साईं युधिष्टर लाला के हाथों -भजन-महिमा

अखिल भारत सिन्धी बोली प्रचार सभा की ओर से 100 वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन 27-28 ओक्टोबर 2012, पूज्य शादानी दरबार, रायपुर में संत शिरोमणि श्री युधिष्टर लाल जी के आशीर्वाद से सफलता पूर्ण सम्पन्न हुआ। इस समारोह के श्री विक्रम बत्रा व शादानी सेवा मण्डल का सहयाओग कबीले-तारीफ है। संस्था की अध्यक्ष डॉ॰ कमला गोकलानी, महासचीव श्री टेकचंद मस्त, जनरल सचिव श्री होतचंद पहुजा ने अथक प्रयास करते हुए इसे अंत तक अंजाम दिया।

दो-दिवसीय के इस अधिवेशन के दौरान  शादानी दरबार के इतिहास की जड़ों से लेकर आज तक के शादाब गुलिस्ताँ के तवील सफर की गाथा पर पेपर्स के माध्यम से रौशनी पेश की गई,  जो नवोदित साहित्यकारों और महमानों के लिए एक विशिष्ट परिचय साबित हुई । पेपर दो सत्रों में पढे गए—27 तारीख पहले सत्र में भागीदार रहे— डॉ॰ कमला गोकलानी, नीता  पंजवानी, व सिंधु दर्शन टी॰ वी॰ की पी॰आर॰ पी श्रीमति चंदा वीरानी ।

Chanda, Tekchand Mast Me, Kamala G, Hirani, Meera Balany

उसी सुबह देवी नागरानी जी की नवनीतम संग्रह “भजन-महिमा” का विमोचन साईं युधिष्टर लाला के हाथों हुआ। अवसर पर साथ में जबलपुर से आए संत मोहनदास, सिन्धी साहित्य के बनीकार श्री लीला राम जी, संस्था की अध्यक्ष डॉ॰ कमला गोकलानी, महासचीव श्री टेकचंद मस्त, पूर्व अध्यक्ष श्री चंद्रू हिरानी भी हाजिर रहे।  इस सत्र की संचालन कार्यवाई श्री टेकचंद मस्त परिचय के साथ बखूबी करते रहे।                                                   उसी दिन शाम चार बजे, साईं जी की अध्यक्षता में सिंधी काव्य पाठ हुआ जिसमें ग़ज़ल गीत, आज़ाद रचनाएँ व व्यंग भी शामिल रहा और शिरकत करने वालों में रहे—नीता पंजवानी, प्रकाश पंजवानी,  ज्ञानचंद व इन्दुमति शहदादपुरी, देवी नागरानी, भगवान बाबानी, भारती गोकलानी, हरी चोइथानी, प्रेम तनवाणी, होतचंद पहुजा, कैलाश शादाब, चंदा वीरानी, मुरली माखीजा, विजय थावानी, कमला गोखलानी, टेकचंद मस्त। आए महमानों में रही अदीबा मीना रूपचंदानी, आशा रंगवानी, मीरा बालानी और अन्य ।  मुशाइरे का संचालन हास्य-व्यंग की तहज़ीब को अभिव्यक्त करते हुए, भोपाल के अदीब बल्लु चोइथानी जी ने किया।

28 तारीख के दूसरे सत्र में शामिल हुईं—रायपुर की लेखिका जया जादवानी, दया जशनानी, रायपुर वासी अदीब श्री मुरलीधर माखीजा। जनरल सचिव श्री होतचंद पहुजा सभी आए  महमानों का शुक्रिया आता किया।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस अवसर पर एक महायज्ञ के साहित्यिक अधिवेशन के साथ-साथ शिव अवतारी संतसतगुरु शदाराम साहिब जी का 304 वां जन्मोत्सव, संत राजराम जी का 130 वां जन्मोत्सव एवं संत गोविंदराम साहिब जी का 68 जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।2012 Nov Raipur Goa 048

शनीवार तारीख 28  ओक्टोबर की रात 17 जोड़ों का समोहिक सगाई उत्सव धूमधाम से हुआ, यह एक ऐतिहासिक घटना रही जहां सामाजिक और धार्मिक कार्य को संपन्नता हासिल हुई। दशहरे के दिन 11 बच्चों का सामूहिक मुंडन हुआ, यह एक पथ-प्रदर्शन का मार्ग खोल रहा है। इस समारोह में शामिल रहे जाने माने समाज के शिरोमनी श्री सुनील सोनी, श्री बृजमोहन अग्रवाल। इन सामाजिक, व धर्मिक कार्यों का संस्थाओं द्वारा होना, समाज में प्रखरता, और उजाले भरा भविष्य निर्माण करने में सहायक होगा, यह तय है!! इस शुभ दिन साईं ने सामेलन में भागीदारी लेने वाले और अन्य मेहमानों का शाल और फूल माला के  साथ अपने हाथों सन्मान किया, जो मानवता के लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद रहा। जयहिंद,

गोवा में ‘अस्मिता’ कार्यक्रम सम्पन्न

Kavya Satr

Kahani Satr

साहित्य अकादेमी तथा रवीन्द्र भवन के संगठित तत्वधान के अंतर्गत

शुक्रवार दिनांक 9 नवम्बर 2012, रवीद्र भवन मडगांव, गोवा में ‘अस्मिता’ कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दो बजे तक सफलता पूर्ण सम्पन्न हुआ।

मुंबई साहित्य अकादेमी के प्रभारी अधिकारी श्री कृष्ण किम्बहुने जी ने सभी आए विद्वतजन व मेहमानों का स्वागत किया। आरंभिक वक्तव्य में श्री पुंढालिक पुण्डलिक नाईक जी ने गोवा के साहित्य व साहित्यकारों के बारे ज्ञानवरदक बातें बताते हुए कहा “मडगाँव गोवा की संस्कृतिक, व आर्थिक राजधानी है और गोवा कलाकारों की खान है॥

इस कार्यक्रम को दो सत्रों में अंजाम दिया गया। पहले सत्र की अध्यक्षता की श्री विनोद जोशी जी ने (संयोजक, साहित्य अकादेमी) और काव्य पाठ किया: आसावरी ककड़े (मराठी), यमिनी व्यास (गुजरती), माया खरंगरे (कोंकणी), देवी नागरानी (सिन्धी) दूसरे सत्र में श्री वसुदेव मोही जी की आध्यक्षता के अंतर्गत कहानी पाठ किया: प्रतिमा इंगोले (मराठी), बिंदु भट्ट (गुजराती), मीना काकोडकर (कोंकणी), रोशनी रोहरा (सिन्धी)

संयोजक श्री लक्ष्मण गाइकवाड जी ने अकादेमी के अंतर्गत इस अस्मिता कार्यक्रम के काव्य, ग़ज़ल गीत और कहानियों की पठनीयता पर अपने विचार प्रकट करते हुए साहित्यकारों का अभिनंदन किया।

रवीन्द्र भवन के अध्यक्ष श्री दामू नाईक ने सभी संयोजकों, संचलोन व साहित्यकारों का धन्यवाद किया सुंदर समां रेफरेश्मेंट्स के साथ सम्पन्न हुआ। जयहिंद

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