Princeton Mushaira

डा. सरदार सोज़ साहिब, शिवरंजनी, डा॰ शशि तिवारी، देवी नागरानी, रजनी भार्गव , अनीता सोनी, अनूप भार्गव और डॉ. दाऊजी गुप्त

Association of South Asians at Princeton (ASAP)  ईकविता समूह और हिंदी विकास मंच की प्रस्तुति एक सुरमई शाम..गीत, ग़ज़ल और कविता के नाम भारत से आमंत्रित चुनी हुई कविये त्रियों के साथ एक भूलने वाली शाम !! 

 

शनिवार तारीख़ १३ जून, २००९ की शाम, काविता और संगीत का अनूठा संगम ,

Carl A. Fields Center, in Princeton University, NJ में सफलता पूर्ण संपूर्ण हुआ

 

आमंत्रित कवियेत्रियां 

 

 

 गीत, और ग़ज़ल की शोख़ी अनीता सोनि (इन्दौर) 

 

ग़ज़ल की मिठास और नज़ाकत देवी नागरानी (मुंबईन्यू जर्सी)

 बालीवुड की उभरती गायिका शिवरंजनी (मुंबई

डा॰ शशि तिवारी, डा. सरदार सोज़ साहिब, देवी नागरानी, अनीता सोनी

 

 साहित्य प्रेमियों ने कला, साहित्य और सामाजिक कार्यों के प्रोत्साहन हेतु ईकविता समूह और हिंदी विकास मंच की प्रस्तुति की शुरुवात की है. साहित्य सृजन में अपने किये गए प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, शनिवार तारीख़ १३ जूलाई, २००९ की शाम, एक काव्य गोष्टी का आयोजन किया गया. इसमें प्रवासी भारतीय साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर पाई. आइये गोष्टी का एक सुखद सफ़र तय करते हैं
मुख्य अतिथिअमेरिका निवासी डा॰ सरदार सोज़ साहिब ने अध्यक्षता के पद संभाला, आयोजकश्री अनूप भार्गव ने संचालन का भार बख़ुबी संभाला.
माँ शारदा को नमन करते हुए, श्री अनूप भार्गव ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया.. सुरमई शाम की शुरूवात युवा शागिर्द कार्तिकेय ने, जिसने पिआनो पर सुरमई धुन से सभाग्रह में बैठे श्रोताओं का मन मोह लिया. फिर सिलसिला शुरू हूआ चारों कवियित्रिओं से, जिसमें शामिल थे गीत, मुक्तक, ग़जल, देश भक्ति पर आधारित रचनाएं..

 

वंदना ki शुरुवात करते हुए शिवरंजनी ने कई गीतों को सुरों में पिरोते हुए शाम को और सुनहरा बना दिया. जिसकी छोर पकड़ी उनकी माताजी डा॰ शशि तिवारी ने . हर राग की रचनाएं बिना साज़ों के दिल के तारों पर बजती रहीं. ढिर बारी डेवी नागरानी जी की आई जिन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ में अपनी गज़लें सुनाई और उनका छोर पकड़ा अनीता सोनी जी ने जो भारत से आई हुई थी, उनकी रचनाओं के विषय रुचिकर रहे और अदायगी लाजवाब 

 शाम का रंग और गाढा़ करने के लिये शामिल रहे श्री घनश्याम चंद्र गुप्ता, रजनी भार्गव, सुरे्द्र नाथ तिवारी, हिमांशू पाठक, डा॰ मेहता और अनूप भार्गव, डा॰ दाऊजी गुप्त. अध्यक्षता के अंतिम चरण को अंजाम देने के पहले डा॰ सरदार सोज़ जी उर्दू शायरी के अनमोल शेर अपनी खालिश भरी आवाज़ में सुनाये. श्रोताओं मे शामिल रही डा॰ आभा, कांता जी, .सुनकर आन्नद उठाने के लिये download करें यहां से kavita.sune@yahoo.com  , http://ibc2006.smugmug.com/share/1jWCfQm4JF7es 

सुरीली आवाज़ और भावों का संगम डा॰ शशि तिवारी (आगरा)  

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